चंडीगढ़।
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने स्वयं और अपने परिवार को मिल रही लगातार जान से मारने की धमकियों को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उनकी याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी।
दायर याचिका में चौटाला ने कहा है कि उन्हें पिछले कुछ समय से अज्ञात व्यक्तियों, विदेशी नंबरों और इंटरनेशनल गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही हैं। दावा किया गया है कि 15 जून 2023 से 15 जुलाई 2025 के बीच कई बार ऐसी धमकियां मिलीं।
“गैंगस्टर कह रहे हैं— यह आखिरी चेतावनी” : अभय चौटाला
अभय चौटाला ने याचिका में बताया कि फोन करने वाले लगातार उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को कई बार शिकायत देने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई।
याचिका में हाल ही में हुए नेता नफे सिंह राठी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इस मामले में भी अंतरराष्ट्रीय गिरोहों और राजनीतिक विरोधियों की भूमिका की आशंका है।
Z+ या Z श्रेणी की 24 घंटे केंद्रीय सुरक्षा की मांग
चौटाला ने कोर्ट से आग्रह किया है कि उन्हें और उनके परिवार को 24 घंटे केंद्रीय एजेंसी द्वारा Z+ या Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भी केंद्र की एजेंसी करे और धमकियों की जांच केंद्रीय स्तर पर हो।
फिलहाल Y+ सुरक्षा घेरे में अभय चौटाला
हाईकोर्ट में गुहार लगाने के बाद अभय चौटाला को वर्तमान में Y+ कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इसमें करीब 11 अधिकारी तैनात रहते हैं, जिनमें कमांडो, PSO और सशस्त्र पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। यह सुरक्षा श्रेणी Z सुरक्षा से एक स्तर नीचे मानी जाती है।
क्या होती है Z+ सुरक्षा?
भारत में Z+ कैटेगरी को सबसे उच्च सुरक्षा स्तर माना जाता है। इसमें:
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10 से ज्यादा NSG कमांडो,
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पुलिस कर्मी और
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कुल मिलाकर 55 से अधिक सुरक्षा जवान तैनात रहते हैं।
ये कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं और मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित होते हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई VIP को Z+ सुरक्षा मिली हुई है।




