करनाल/घरौंडा | हरियाणा के करनाल जिले में चर्चित सूरज हत्याकांड ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मामले के तीसरे आरोपी गोविंद और पुलिस की सीआईए-2 टीम के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद ‘सरेंडर या एनकाउंटर’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
🔫 कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस के मुताबिक, घरौंडा के उपली रोड पर सीआईए-2 टीम आरोपी गोविंद की तलाश में थी। इसी दौरान आरोपी का पुलिस से आमना-सामना हो गया। आरोप है कि गोविंद ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें एक गोली पुलिस वाहन पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह घायल हो गया।
घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
⚠️ सोशल मीडिया से फैली ‘एनकाउंटर’ की अफवाह
मुठभेड़ की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर “एनकाउंटर” की खबरें तेजी से वायरल होने लगीं। व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल रही अपुष्ट जानकारी ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
👥 अंबेडकर चौक पर जुटा समाज, अस्पताल में भी भीड़
एनकाउंटर की आशंका के चलते एससी समाज के लोग करनाल के अंबेडकर चौक पर एकत्रित हो गए। बाद में बड़ी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल भी पहुंचे, जहां आरोपी का इलाज चल रहा है। स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
❓ सरेंडर या गिरफ्तारी? यहीं से शुरू हुआ विवाद
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आरोपी गोविंद ने पहले ही सरेंडर कर दिया था या नहीं। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि 26 अप्रैल को आरोपी ने मधुबन थाने में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद सीआईए-2 टीम उसे अपने साथ ले गई।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यही अस्पष्टता विवाद का कारण बन रही है।
🗣️ “सजा देना कोर्ट का काम, पुलिस का नहीं”
स्थानीय प्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार केवल कोर्ट को है, पुलिस को नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के साथ कोई गलत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कुछ लोगों ने करनाल के एसपी पर भी पक्षपातपूर्ण रवैये के आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
📢 प्रशासन की अपील—अफवाहों से बचें
प्रशासन और स्थानीय नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या मैसेज को शेयर न करें, क्योंकि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
🕵️ क्या है पूरा सूरज हत्याकांड?
🔴 18 अप्रैल को हुई थी हत्या
गांव गोंदर में 18 अप्रैल की शाम सूरज राणा बाइक पर निकला था, तभी गांव में सुमेर चंद की दुकान के पास उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई और आरोपी फरार हो गए।
⚔️ पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 में हुए एक पुराने हत्या मामले की रंजिश इस वारदात की जड़ है। बताया जा रहा है कि कुलदीप ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया।
🧠 रेकी कर रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब एक महीने तक सूरज की गतिविधियों पर नजर रखी। सही मौका मिलते ही उन्होंने उत्तर प्रदेश से लाए गए अवैध हथियारों से हमला कर दिया।
🔍 पहले दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा था फरार
पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। तीसरा आरोपी गोविंद फरार था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। अब मुठभेड़ के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
🔎 रिमांड में मिले अहम सुराग
मुख्य आरोपी कुलदीप से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची। पुलिस अब घायल आरोपी से भी पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की तैयारी में है।




