इंसाइट न्यूज 24: नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध हटा तो लिया, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी काठमांडू सहित कई इलाकों में कर्फ़्यू जारी है और सुरक्षा बल तैनात हैं।
पिछले दिनों युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और राजनीतिक वंशवाद के खिलाफ़ जबरदस्त प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में अब तक कई लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए। संसद और सरकारी इमारतों में आगजनी जैसी घटनाओं ने हालात और गंभीर बना दिए।
सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े और घायलों के लिए मुफ्त इलाज का ऐलान किया है। साथ ही, एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो पंद्रह दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया बैन तो सिर्फ चिंगारी थी, असली वजह युवाओं की गहरी नाराज़गी है। नई पीढ़ी अब सिर्फ अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर भविष्य की मांग कर रही है।




