हरियाणा के चर्चित ₹504 करोड़ सरकारी फंड घोटाले में CBI ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में IDFC FIRST Bank और AU Small Finance Bank के अधिकारियों समेत कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट पंचकूला की विशेष CBI अदालत में दाखिल की गई। इसमें 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 शेल कंपनियों के प्रतिनिधि और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी विभागों के बैंक खातों से करीब ₹504 करोड़ की राशि फर्जी तरीके से ट्रांसफर की गई।
CBI का कहना है कि यह घोटाला बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया। आरोप है कि फर्जी चेक, डेबिट नोट और नकली हस्ताक्षरों के जरिए रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई।
इस मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जब हरियाणा सरकार के खातों में गड़बड़ी सामने आई। बाद में मामला हरियाणा विजिलेंस से CBI को सौंप दिया गया। जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुईं और करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि CBI ने करीब 10 हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में जमा की है। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं और आने वाले दिनों में मामले की सुनवाई तेज हो सकती है।




