हरियाणा की राजनीति इन दिनों तीखे आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। विधानसभा सत्र के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सरकार अपने कामकाज को पारदर्शी और जनहितकारी बता रही है।
कांग्रेस नेताओं ने बेरोज़गारी, महंगाई और किसानों से जुड़े सवालों को लेकर सरकार को घेरा है। उनका आरोप है कि प्रदेश में विकास के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। वहीं सत्तारूढ़ दल का कहना है कि विपक्ष बिना ठोस तथ्यों के माहौल गर्म करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज़ हो सकता है। निकाय चुनावों और अन्य राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा की सियासत में बयानबाज़ी और रणनीतिक चालें तेज़ होती दिख रही हैं, जिसका सीधा असर प्रदेश के राजनीतिक माहौल पर पड़ेगा।




