पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वकीलों की हड़ताल को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि वकील काम से दूर रहेंगे तो क्या इससे गैंगस्टरों की गतिविधियां रुक जाएंगी। कोर्ट ने बार एसोसिएशन से सवाल किया कि न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करना आम लोगों के अधिकारों पर असर डालता है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों का कामकाज बाधित होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों को होता है जो न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि वकीलों की अनुपस्थिति के कारण मामलों में देरी बढ़ रही है और इससे न्याय व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था और अपराध से जुड़े मामलों में नियमित सुनवाई जरूरी है। यदि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी तो अपराधियों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सकता है। हाईकोर्ट ने बार प्रतिनिधियों से हड़ताल समाप्त कर सामान्य कामकाज बहाल करने पर विचार करने को कहा।
इस दौरान अदालत ने न्यायिक कार्यों में बाधा को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समय पर न्याय का अधिकार देता है और इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।




