विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) के जरिए किसान रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य में तेजी लाने का फैसला किया है। इस पहल के तहत अब किसानों को डिजिटल सत्यापन, किसान रजिस्ट्री अपडेट और पीएम-किसान योजना से जुड़ी सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार की एग्री स्टैक पहल और पीएम-किसान योजना के अंतर्गत किसान पंजीकरण और ई-केवाईसी का काम अब पूरे प्रदेश में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा। इससे एक मजबूत डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा, जो सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अन्य सेवाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि पीएम-किसान ई-केवाईसी के लिए प्रति किसान 15 रुपये का सेवा शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सभी सीएससी केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से कोई राशि न वसूलें।
विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गांव स्तर पर ही सेवाएं उपलब्ध होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ अधिक कुशलता से किसानों तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की यह पहल किसानों के लिए डिजिटल सुशासन और सरल सेवा वितरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।




