इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 25 सितंबर : गीता ज्ञान संस्थानम् में आज ऐतिहासिक रामायण उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसका आयोजन रास कला मंच सफीदों द्वारा किया गया। दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने किया। यह उत्सव देश में पहली बार गीता ज्ञान संस्थानम् में मंचित हुआ, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी और पंडाल छोटा पड़ गया।
उत्सव के पहले दिन राम जन्म, ताड़का-सुबाहू वध, राम वनवास, दशरथ निधन, भरत मिलाप, सीता हरण और शूर्पणखा की नाक काटने जैसे दृश्य मंचित किए गए। निर्देशक रवि मोहन भारद्वाज ने बताया कि इस आयोजन में देशभर से 125 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा, “यह रामायण उत्सव तथ्यों पर आधारित है, जिसमें महर्षि वाल्मीकि की रामायण, तुलसीदास की रामचरितमानस सहित कई ग्रंथों से तथ्य लिए गए हैं। यह मंचन अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर भी होना चाहिए ताकि लाखों श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें।”
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें धर्मबीर मिर्जापुर, मलकीत ढांडा, विजय पाल सफीदों, डॉ. जयभगवान सिंगला, राजेश मेहता, संजय कोछड़ और नीरज मक्कड़ प्रमुख रहे।




