यमुनानगर, 30 जून। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी दिवस के अवसर पर यमुनानगर स्थित राणा अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में अस्पताल के संचालक डॉ. अशोक राणा ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि कई बार लोग अनजाने में नशे की लत का शिकार हो जाते हैं और बाद में इससे बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
राणा अस्पताल के सरकारी मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्र के निदेशक डॉ. आशीष नवल ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और सही उपचार के माध्यम से नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को समाज और परिवार की उपेक्षा नहीं, बल्कि सहयोग और सकारात्मक माहौल की आवश्यकता होती है।
उन्होंने उपचाराधीन मरीजों के परिजनों से अपील की कि वे नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति का मनोबल बढ़ाएं और उसके पुनर्वास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका कहना था कि परिवार का सहयोग और भावनात्मक समर्थन नशा छोड़ने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकता है।
कार्यक्रम में नशा मुक्ति और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. केशव बेदी, मनीष प्रधान, अशोक भाटिया, ईश्वर, तरुण, राजीव राणा, जगदीश, मामचंद, परवीन, ऋषभ सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




