चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बुजुर्गों की पेंशन, कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
सदन के भीतर बुजुर्ग पेंशन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा हुई। विपक्ष ने पेंशन सत्यापन और कुछ लाभार्थियों के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार पात्र लोगों को समय पर पेंशन देने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
सत्र के दौरान एक बैंकिंग धोखाधड़ी का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने बताया कि IDFC First Bank से जुड़े करोड़ों रुपये के मामले में बड़ी राशि की वसूली कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से संबंधित कथित अनियमितताओं पर भी विपक्ष ने चर्चा की मांग की। मांग स्वीकार न होने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
मुख्यमंत्री ने सदन में सभी सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने और रचनात्मक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार विकास, पारदर्शिता और रोजगार सृजन के मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है।
दिनभर चले हंगामे और बहस के बीच सदन की कार्यवाही निर्धारित एजेंडे के अनुसार आगे बढ़ती रही।




