करनाल। बेहतर भविष्य की उम्मीदों के साथ परिवार ने जिस बेटे को सात समंदर पार रवाना किया था, उसकी अंतिम झलक भी नसीब नहीं हो सकी। अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले करनाल जिले के कोयर गांव निवासी 22 वर्षीय विशाल का करीब सात महीने बाद अंतिम संस्कार हुआ। हादसे में उसका शव बुरी तरह जल जाने के कारण पहचान नहीं हो पाई थी। डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि होने के बाद परिजनों ने हिंदू परंपराओं के अनुसार उसकी अंतिम क्रिया संपन्न की।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
यह दुर्घटना 23 जून 2025 की रात कैलिफोर्निया में हुई थी। हादसे में हरियाणा के दो युवक—विशाल और कैथल जिले के सिरसल गांव निवासी अरुण जांगड़ा उर्फ रोमी—मौके पर ही जान गंवा बैठे। बताया जा रहा है कि दोनों युवक तेज गति से कार में घूमने निकले थे। रास्ते में वाहन संतुलन खो बैठा, कई बार पलटा और सामने से आ रहे भारी वाहन से टकरा गया। टक्कर लगते ही कार धू-धू कर जल उठी और दोनों युवक उसमें फंस गए।
राहत पहुंची, पर जान नहीं बच सकी
हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई। दोनों युवकों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहचान की प्रक्रिया में बीते महीने
हादसे में विशाल का शरीर काफी हद तक झुलस गया था, जिससे तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। अमेरिका में रह रहे समाजसेवी डॉ. जसबीर लोहान के अनुसार पहचान सुनिश्चित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत से परिजनों के सैंपल मंगवाकर डीएनए जांच कराई गई। औपचारिकताओं में लंबा समय लगने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया महीनों तक टलती रही।
अलग-अलग रास्तों से पहुंचे थे अमेरिका
अरुण जांगड़ा पहले कनाडा गया था और बाद में अमेरिका में ट्रक चलाने लगा। वहीं विशाल कुछ वर्ष पहले अमेरिका पहुंचा था और वहीं काम कर रहा था। दोनों एक साथ रहते थे और काम से लौटते समय यह हादसा हो गया।
परिवारों के सपने टूटे
दोनों ही युवकों के परिवारों ने बेहतर जीवन की आस में उन्हें विदेश भेजा था। विदेश जाने के लिए जमीन बेचने और कर्ज लेने तक की नौबत आई। परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि बेटा विदेश जाकर परिवार की हालत सुधारेगा, लेकिन एक हादसे ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।




