चंडीगढ़, 3 फरवरी।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यूरिया के बैग के वजन में लगातार कटौती को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को राहत देने के बजाय नए-नए तरीकों से बोझ बढ़ा रही है।
हुड्डा ने कहा कि पहले किसानों को 50 किलो का यूरिया बैग मिलता था, जिसे बाद में 45 किलो किया गया और अब 40 किलो तक सीमित कर दिया गया है। इसके बावजूद कीमत में कोई कमी नहीं की गई है। उनका कहना है कि उत्पाद के नाम और मूल्य में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन किसानों को मिलने वाली मात्रा हर बार घटाई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि नए बैग में नाइट्रोजन और सल्फर की मात्रा के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने हालिया केंद्रीय बजट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बजट में किसानों से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। न कर्जमाफी पर चर्चा हुई और न ही मुआवजा या न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान रखा गया।
हुड्डा ने कहा कि खाद-बीज और फसल बीमा योजनाओं के नाम पर भी किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पहले से ही महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं और लागत बढ़ने से परेशान किसानों के लिए यूरिया के वजन में कटौती एक और झटका है।




