हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कहा है कि पुलिस की कोई जाति या वर्ग नहीं होता, बल्कि उसकी एकमात्र पहचान खाकी वर्दी है। उन्होंने यह बात रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां पुलिस अधिकारियों, समाज के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों से संवाद किया गया।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस का काम समाज को सुरक्षित रखना है और इसके लिए सभी को समान दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, खासकर साइबर अपराध और तकनीकी अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से लैस किया जा रहा है ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
डीजीपी ने युवाओं से अपील की कि वे गलत संगत और अपराध की ओर न जाएं। साथ ही समाज और परिवार से भी सहयोग की अपेक्षा जताई, ताकि युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि हरियाणा पुलिस पूरी निष्पक्षता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है और आगे भी कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार काम करती रहेगी।




