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सरस्वती तीर्थ पिहोवा पर सजेगी 8 हजार साल पुरानी संस्कृति की झलक, लगेंगी विश्व स्तरीय भव्य मूर्तियां

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पिहोवा, 29 जनवरी।
करीब 8 हजार साल पुराने ऐतिहासिक सरस्वती तीर्थ स्थल पिहोवा पर जल्द ही विश्व स्तरीय आधुनिक और आकर्षक मूर्तिकला देखने को मिलेगी। इस तीर्थ स्थल पर देश की प्राचीन संस्कृति और कला को दर्शाती कुल 16 भव्य मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी ऊंचाई 8 फीट से लेकर 15 फीट तक होगी।

कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के मूर्तिकार हृदय कौशल ने बताया कि इन मूर्तियों के निर्माण के लिए भैंसलाना से काले पत्थर की 16 विशाल चट्टानें सरस्वती तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी हैं। हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए 16 अनुभवी शिल्पकार दिन-रात मेहनत कर इन पत्थरों को सुंदर मूर्तियों का रूप दे रहे हैं। जल्द ही श्रद्धालु और पर्यटक सरस्वती तीर्थ पर इन भव्य मूर्तियों के दर्शन कर सकेंगे।

सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्तिकार हृदय कौशल ने बताया कि हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के आयुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल के निर्देशानुसार पिहोवा सरस्वती महोत्सव के अवसर पर आधुनिक मूर्तिशिल्प का राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान हरियाणा से लगभग 10 और अन्य राज्यों से आए 4 शिल्पकारों सहित कई जाने-माने कलाकार मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं।

एसडीएम अनिल कुमार दून ने कहा कि सरस्वती तीर्थ को सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रयासों से एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार की कला और संस्कृति को संरक्षण देने की नीति तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत इस आधुनिक मूर्तिशिल्प का राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया गया है। 16 काले पत्थरों की चट्टानों से तैयार की जा रही ये मूर्तियां सरस्वती की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएंगी।

उन्होंने कहा कि इन मूर्तियों को सरस्वती घाट पर स्थापित किया जाएगा, जिससे तीर्थ स्थल का सौंदर्यीकरण तो बढ़ेगा ही, साथ ही दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी मूर्तिकला का अनूठा अनुभव मिलेगा। उन्होंने पिहोवा और आसपास के जिलों के युवाओं से अपील की कि वे इस शिल्पकला शिविर को देखने अवश्य पहुंचें, जिससे उन्हें कला, संस्कृति और रोजगार की संभावनाओं से जुड़ी प्रेरणा मिल सके।

यह राष्ट्रीय मूर्तिशिल्प शिविर हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

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