फरीदाबाद।
फरीदाबाद में चलती ईको वैन में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद पुलिस पीड़िता को घर से वाहन में लेकर नीमका जेल पहुंची, जहां विधिवत पहचान परेड कराई गई।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में आयोजित पहचान परेड के दौरान समान कद-काठी वाले 10 बंदियों को खड़ा किया गया। पीड़िता ने बिना किसी संदेह के दोनों आरोपियों की शिनाख्त की। इस प्रक्रिया के समय जांच अधिकारी और नीमका जेल के अधीक्षक भी मौजूद रहे।
बताया गया कि यह घटना 30 दिसंबर 2025 की रात की है, जब आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने एक शादीशुदा महिला को ईको वैन में बैठाया। आरोप है कि इसके बाद महिला को कई घंटों तक वाहन में घुमाया गया और वारदात को अंजाम दिया गया। बाद में महिला को सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
रिमांड की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहचान परेड पूरी होने के बाद अब आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहचान परेड प्रभावित न हो, इसके मद्देनज़र गिरफ्तारी के बाद दोनों को पहले न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
पुलिस का पक्ष
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि लगातार प्रयासों के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पहचान परेड सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और अब आगे की जांच व कानूनी कार्रवाई तेज की जा रही है।
घटना की पृष्ठभूमि
पीड़िता कोतवाली थाना क्षेत्र के कल्याणपुरी इलाके की रहने वाली है। उसने शिकायत में बताया कि पारिवारिक कारणों से वह पति से अलग रह रही थी और मायके में थी। 29 दिसंबर की शाम वह सेक्टर-23 स्थित सहेली के घर गई थी। देर रात लौटते समय वह NIT चौक से मेट्रो चौक पहुंची और वहां ऑटो का इंतजार कर रही थी।
इसी दौरान देर रात एक ईको वैन में सवार दो युवकों ने उसे कल्याणपुरी चौक तक छोड़ने का भरोसा दिया। आरोप है कि वे उसे निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय गुरुग्राम रोड की ओर ले गए और वारदात को अंजाम दिया। अलसुबह महिला को SGM नगर क्षेत्र में सड़क किनारे छोड़ दिया गया, जिसके बाद उसने परिजनों को सूचना दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।




