कुरुक्षेत्र/शाहाबाद, शुक्रवार: बिहार के पटना से आई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने शुक्रवार को भी शाहाबाद में दूसरे दिन कार्रवाई जारी रखी। सुबह टीम भारी पुलिस बल के साथ कालड़ा गन हाउस पहुंची और संचालक के परिजनों की मौजूदगी में गन हाउस को खोला गया। करीब 5 घंटे चली तलाशी के बाद टीम गन हाउस को सील कर रवाना हो गई। जांच के दौरान मीडिया और पुलिस को भी दूर रखा गया तथा किसी तरह की जानकारी देने से टीम ने साफ इनकार कर दिया।
17 घंटे की जांच के बाद दो हिरासत में
सूत्रों के मुताबिक, NIA टीम ने विस्तृत जांच के बाद गन हाउस संचालक विजय कालड़ा और उनके छोटे बेटे यश कालड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया। वहीं, विजय कालड़ा का बड़ा बेटा लक्ष्य कालड़ा टीम के आने से पहले ही फरार हो गया।
रिकॉर्ड भी कब्जे में, आज फिर आ सकती है टीम
जांच के दौरान टीम ने गन हाउस में जमा और बेचे गए हथियारों से जुड़े दस्तावेज व रिकॉर्ड कब्जे में लिए। सूत्रों का कहना है कि टीम इन दस्तावेजों का मिलान करेगी और संभव है कि शनिवार को NIA फिर से दस्तक दे।
गुरुवार को भी चली थी बड़ी रेड
गुरुवार को NIA टीम ने ग्रीन पार्क कॉलोनी स्थित विजय कालड़ा के घर और कार्यालय में भी छापेमारी की थी। देर रात 10 बजे तक चली कार्रवाई में टीम ने भारी मात्रा में असलाह और दस्तावेज बरामद किए थे।
हथियारों की अवैध तस्करी से जुड़ा मामला
NIA ने हरियाणा से बिहार तक 22 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। मामला उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्सों में फैली अवैध हथियार और गोला-बारूद तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा है। यह कार्रवाई एक संभावित आतंकी मॉड्यूल की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
सुबह 5 बजे शुरू हुई थी छापेमारी
शुक्रवार को भी कार्रवाई सुबह 5 बजे विजय कालड़ा के घर से शुरू हुई। करीब 5 घंटे की जांच के बाद टीम उनके दफ्तर पहुंची, जहां से भी कई अहम दस्तावेज और हथियार बरामद किए गए।
ASP राघव वशिष्ठ की अगुआई में चली कार्रवाई
NIA की कार्रवाई का नेतृत्व एडिशनल पुलिस अधीक्षक राघव वशिष्ठ कर रहे थे। टीम में 15 अधिकारी शामिल थे। सुरक्षा के लिए कुरुक्षेत्र पुलिस के 24 जवान तैनात किए गए, हालांकि एजेंसी ने पुलिस के साथ कोई भी जानकारी साझा नहीं की।
दोनों को मेडिकल के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया
रवाना होने से पहले NIA टीम ने विजय कालड़ा और यश कालड़ा का मेडिकल परीक्षण कराया और फिर उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद टीम उन्हें पूछताछ के लिए पटना ले गई।
दिल्ली ब्लास्ट केस से भी जुड़े तार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस टेरर कॉन्सपिरेसी केस में वर्तमान छापेमारी चल रही है, उसकी जांच के दौरान दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं। अब एजेंसी यह जांच रही है कि इस गिरोह का ब्लास्ट केस के आरोपियों या संदिग्धों से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध तो नहीं।
उत्तर भारत में फैला नेटवर्क
NIA को जांच में पता चला है कि यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और लंबे समय से एजेंसियों की निगरानी में था। नए मिले सुरागों के बाद दोनों मामलों के बीच संबंधों को जोड़ा जा रहा है।




