अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर पर हुई महाआरती; गणमान्य लोगों ने की पूजा-अर्चना, केडीबी ने अतिथियों को किया सम्मानित
कुरुक्षेत्र, 5 दिसंबर
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया उपदेश मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गीता न केवल धर्म का सार प्रस्तुत करती है बल्कि जीवन के प्रति दार्शनिक दृष्टिकोण को भी उजागर करती है। यही कारण है कि यह ग्रंथ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गीता का निष्काम कर्म का संदेश आज भी हर गीता प्रेमी को प्रेरित करता है। गीता विश्व के प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में शामिल है और जीवन के रहस्यों को समझने में मार्गदर्शन देती है।
शुक्रवार देर शाम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर ब्रह्मसरोवर में केयूके के वाइस चांसलर प्रो. सचदेवा, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सीईओ पंकज सेतिया, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, प्रोग्राम अधिकारी डॉ. प्रमोद शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने महाआरती में भाग लिया। उन्होंने पूजा-अर्चना कर दीपशिखा प्रज्वलित की और विधिवत रूप से आरती का शुभारंभ किया।
आरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल और रुद्र द्वारा किया गया।
प्रोफेसर सचदेवा ने कहा कि महाभारत के दौरान कुरुक्षेत्र युद्धक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का संदेश सुनाया था। गीता में एकेश्वरवाद, कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग की विस्तृत व सुंदर व्याख्या की गई है। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य मोह-माया में उलझा हुआ है, ऐसे में गीता के उपदेश जीवन को सही दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान केडीबी की ओर से सभी मेहमानों, अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
इस महाआरती व सांस्कृतिक संध्या का मंच संचालन डॉ. अशोक शर्मा ने किया।
इस मौके पर केडीबी सदस्य विजय नरुला, कैप्टन अमरजीत सिंह, अशोक रोशा, डॉ. ऋषिपाल मथाना, सौरभ चौधरी, गुरनाम सैनी, हरमेश सिंह सैनी, सुशील राणा, डॉ. अलकेश मोदगिल, राजेश शांडिल्य, डॉ. संदीप छाबड़ा, जिओ गीता से राजेंद्र चौपड़ा, यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी से विनोद पाल, हुकुम सिंह, जीत राम, विवेक भारद्वाज, दीपक गिल, अभिमन्यु वर्मा, राजेश आनंद, आर्यन, सोनिका, हितेंद्रजीत, राजपाल सहित अनेक अधिकारी व स्वयंसेवक मौजूद रहे।




