गुरुग्राम, हरियाणा — राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने गुरुग्राम में बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर प्रदीप गुर्जर उर्फ प्रदीप राव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप सेक्टर-77 स्थित एमआर पाम हिल्स सोसाइटी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पिछले कई दिनों से छिपकर रह रहा था। वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहा था।
150 CCTV कैमरे खंगालकर पकड़ा गया गैंगस्टर
AGTF टीम ने आरोपी का पता लगाने के लिए करीब 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। सोसाइटी गेट पर राजस्थान पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने 3 दिन तक गार्ड बनकर निगरानी की। सही मौका मिलते ही टीम ने फ्लैट पर छापा मारकर प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से गहरा कनेक्शन
जांच में सामने आया कि प्रदीप गुर्जर लॉरेंस के करीबी सचिन थापन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। उसकी गर्लफ्रेंड भी राजस्थान की ही रहने वाली बताई जा रही है।
विशेष टीम ने रचा पूरा प्लान
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एडिशनल एसपी सिद्धांत शर्मा और इंस्पेक्टर राम सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई थी। हेड कॉन्स्टेबल सुधीर कुमार को सोसाइटी में गार्ड बनाकर तैनात किया गया। सूचना मिलते ही टीम ने गुरुवार को फ्लैट पर रेड की और प्रदीप को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे गुरुग्राम से कोटपूतली लेकर चली गई।
पड़ोसियों का दावा – कम ही दिखता था बाहर
सोसाइटी के पड़ोसियों ने बताया कि प्रदीप बहुत कम बाहर निकलता था और ज्यादातर सामान बाहर से मंगवाता था। इससे ज्यादा कोई जानकारी उन्हें नहीं थी।
कुख्यात ‘6161 गैंग’ का सरगना
प्रदीप गुर्जर कुख्यात 6161 गैंग का सरगना है, जो हाईवे पर स्थित होटलों से जबरन रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात है। गैंग की शुरुआत भीलवाड़ा में हरी तंवर ने की थी। बाद में इसका संचालन विनोद मांडली और उसकी हत्या के बाद प्रदीप के हाथों में चला गया।
3 दर्जन से अधिक केस दर्ज
गैंगस्टर प्रदीप पर रंगदारी, बैंक लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सात मामलों में फरार रहने पर पुलिस ने उसके नाम 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था।
युवाओं को गैंग में शामिल कर रहा था
पुलिस के अनुसार, प्रदीप कोटपूतली, बहरोड़, बानसूर, भीलवाड़ा और गुरुग्राम के युवाओं को अपने गैंग में शामिल कर रहा था। वह फायरिंग कर दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात है।




