Home » लेटेस्ट न्यूज़ » लखनऊ अग्निकांड: विकास प्राधिकरण की भूमिका पर उठे सवाल

लखनऊ अग्निकांड: विकास प्राधिकरण की भूमिका पर उठे सवाल

Picture of insightnews24

insightnews24

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद अब जांच का फोकस सिर्फ आग लगने के कारणों पर नहीं, बल्कि प्रशासनिक और नियामकीय लापरवाही पर भी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वह कागजों में आवासीय थी, लेकिन वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।

जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इमारत को व्यावसायिक उपयोग की अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई। रिपोर्टों के अनुसार, भवन में फायर सेफ्टी और अन्य जरूरी मंजूरियों की कमी थी, जबकि वहां कोचिंग सेंटर, एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

घटना के बाद विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों के कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कई अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच चल रही है।

एक और गंभीर तथ्य यह सामने आया है कि इसी भवन के खिलाफ वर्ष 2016 में ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) का आदेश जारी हुआ था, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे वापस ले लिया गया। अब यह निर्णय भी जांच के दायरे में है कि आखिर अवैध घोषित भवन को बचाने का फैसला किसने और किन परिस्थितियों में लिया था।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Advertisement

Poll

क्या आप \"Insight News24\" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Cricket Live

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स