कुरुक्षेत्र, 27 नवंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में पुरुषोत्तमपुरा बाग में स्थापित हरियाणा पैवेलियन कला, संस्कृति और स्वदेशी उद्यम का आकर्षक संगम बन गया है। दिनभर चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम जहां दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं, वहीं पैवेलियन में लगाए गए विविध स्टॉल पर्यटकों के बीच खरीदारी का बड़ा आकर्षण बनकर उभर रहे हैं।
स्वावलंबी भारत अभियान के तहत स्वदेशी जागरण मंच के बैनर तले लगे स्टॉल पर हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) डेकोरेटिव आइटम्स लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। यहां श्री गुरु नानक देव जी, शहीद भगत सिंह, राम मंदिर और ज्योतिबा फुले जैसी प्रेरणादायक हस्तियों व धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों पर आधारित सजावटी पीस पर्यटकों को विशेष रूप से पसंद आ रहे हैं। कई लोग इन्हें अपने घर के लिए स्मृति चिह्न के रूप में खरीद रहे हैं।
स्टॉल संचालक दंपती विकास और अंजू ने बताया कि उनके पास मार्बल पाउडर से बने करीब 40 प्रकार के डेकोरेटिव आइटम उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 40 रुपये से 2,000 रुपये तक है, जिससे ये सामान आम लोगों की पहुंच में भी आसानी से आते हैं।
हस्तनिर्मित वस्तुओं के अलावा स्टॉल पर स्वदेशी और स्वास्थ्यवर्धक अनाज भी उपलब्ध है। खुटकी, कुरानी, सामक जैसे पारंपरिक अनाज खुद तैयार किए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं।
हरियाणा पैवेलियन अपनी स्वदेशी कला, संस्कृति और उद्यमिता के अनूठे प्रदर्शन के साथ महोत्सव आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।




