पानीपत/हांसी। जाट आरक्षण आंदोलन की हिंसा के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर दलजीत सिहाग को पुलिस द्वारा बेड़ियां पहनाकर बाजार में परेड कराने का मामला विवादों में घिर गया है। गैंगस्टर की पत्नी अनिता सिहाग ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे जल्द ही खापों के सहयोग से महापंचायत बुलाएंगी।
पानीपत के किसान भवन में मीडिया से बात करते हुए अनिता ने कहा कि उनके पति पर पुलिस द्वारा बताए गए 60 नहीं, बल्कि सिर्फ 6 मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “हरियाणा में कई अपराधी हैं, लेकिन मेरे पति को निशाना बनाकर बेड़ियों में बाजार में घुमाया गया।” उन्होंने कहा कि वे जल्द ही डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेंगी।
खाप नेताओं का समर्थन
कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल ने कहा कि अगर दलजीत वास्तव में गैंगस्टर है, तो पुलिस उसके गैंग का नाम बताए। उन्होंने कहा कि दलजीत को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और DGP को पूरे मामले की जांच करवानी चाहिए।
पुलिस बोली—61 केस दर्ज, संगठित अपराध में शामिल
हांसी CIA इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि दलजीत पर कुल 61 केस दर्ज हैं, जिनमें जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े 22 मामले भी शामिल हैं। उसके खिलाफ संगठित अपराध के लिए BNS-111 के तहत कार्रवाई की गई है, जो गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत आता है।
पत्नी ने की पति की जेल बदले जाने की मांग
अनिता सिहाग ने DGP से मांग की कि उनके पति को झज्जर जेल से किसी अन्य जेल में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने हांसी परेड करवाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि जेल में कमर दर्द की समस्या के लिए मशीन से उपचार उपलब्ध कराया जाए और पैरोल के दौरान हुए हमले के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
20 नवंबर को हांसी में कराई गई थी परेड
हांसी पुलिस ने 20 नवंबर को दलजीत को बेड़ियों में बांधकर बाजार में घुमाया था। SP अमित यशवर्धन ने बताया था कि वह सोशल मीडिया पर खुद को प्रचारित कर युवाओं को प्रभावित कर रहा था। उसके सोशल मीडिया पर सवा लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
सोशल मीडिया पर निगरानी, संचालक के खिलाफ FIR
हरियाणा दिवस पर दलजीत की जेल से सफेद कपड़ों में पोस्ट वायरल होने के बाद DGP ओपी सिंह ने सख्त रुख अपनाया था। आदेश के बाद पुलिस ने उसके सोशल मीडिया पेज चलाने वाले रोहताश (निवासी भिड़ताना, जींद) के खिलाफ FIR दर्ज की। अन्य गैंगस्टरों के सोशल मीडिया खातों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
मिंदू गर्जर हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद
दलजीत सिहाग को 2016 में हांसी में मिंदू गर्जर की हत्या के मामले में 30 जनवरी 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हांसी पुलिस उसे एक दिन के रिमांड पर लाई, जहां उसके साथ परेड कराई गई। इसके बाद उसे फिर झज्जर जेल भेज दिया गया।




