सांध्यकालीन महाआरती में भाजपा प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया व प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली हुए शामिल
भजन संध्या के गीतों ने महोत्सव में घोला भक्ति का रस
कुरुक्षेत्र, 20 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर गुरुवार शाम आयोजित गीता महाआरती ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के छठे दिन को भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया। शंखनाद, वाद्य यंत्रों की धुनों और रंग-बिरंगी रोशनियों से सरोवर का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महाआरती कार्यक्रम का शुभारम्भ भाजपा प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने दीपशिखा प्रज्वलित कर किया। उनके साथ पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष सरदार तिजेंद्र सिंह गोल्डी, भाजपा जिलाध्यक्ष पंचकूला अजय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वंदना गोरी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, सुशील राणा, सुभाष कलसाना, केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
सतीश पूनिया ने कहा कि “ब्रह्मसरोवर का कुरुक्षेत्र के इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा से गहरा जुड़ाव है। यहां की महाआरती मन को अद्भुत शांति का अनुभव कराती है।”
वहीं मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव हर वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस बार भी देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।”
महोत्सव में आयोजित भजन संध्या ने भी वातावरण को भक्ति से भर दिया और श्रद्धालुओं ने देर शाम तक आरती व भजनों का आनंद लिया।
इस अवसर पर केडीबी सदस्य विजय नरुला, डा. एम.के. मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह, डा. ऋषिपाल मथाना, डा. अवनीत वडैच, सौरभ चौधरी, गुरनाम सैनी, डा. अलकेश मोदगिल, संजय चौधरी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की प्रदर्शनी का शुभारम्भ
महाआरती से पहले भाजपा प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा लगाई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने सरस्वती नदी के पुनर्जीवन और भूजल स्तर सुधार से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के सम्मिलित प्रयासों से सरस्वती नदी के पुनरुद्धार का कार्य गति पकड़ चुका है। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड उपाध्यक्ष ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।




