नारनौल (हरियाणा)। हरियाणा के नारनौल में रोडवेज डिपो के पूर्व जीएम लाजपत यादव के स्वामित्व वाले चार मंजिला मॉल को नगर परिषद ने सील कर दिया। आरोप है कि शहर के महेंद्रगढ़ रोड स्थित इस मॉल का निर्माण बिना चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) अनुमति के किया गया था। कार्रवाई के दौरान मॉल में करीब 200 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्हें बाद में छुट्टी पर भेज दिया गया।
सीलिंग की कार्रवाई का कारण
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने बताया कि मॉल को पहले भी सील किया गया था, जिसके बाद मालिक ने कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने दो साल का समय देते हुए CLU लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय अवधि में अनुमति नहीं ली गई। इस पर नगर परिषद ने नोटिस जारी कर दोबारा सीलिंग की कार्रवाई की।
करीब सात साल पहले बने इस मॉल में दो अक्टूबर को पहली बार एक बड़ा शोरूम खुला था। बताया जा रहा है कि लाखों रुपए का सामान मॉल के अंदर ही रह गया है।
मालिक ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
पूर्व GM लाजपत यादव ने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि मॉल के पीछे ही भाजपा कार्यालय का निर्माण चल रहा है, जिसके लिए भी न तो CLU ली गई है और न ही अन्य कागजात पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में DTP की ओर से कोई मास्टर प्लान नहीं है, जिससे CLU की प्रक्रिया लंबित है।
लाजपत यादव ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कोर्ट से स्टे ऑर्डर लिया हुआ है, फिर भी नगर परिषद ने कार्रवाई कर दी, जो अदालत के आदेशों की अवहेलना है।
कर्मचारियों में असमंजस
मॉल सीलिंग के समय करीब 200 वर्कर अंदर काम कर रहे थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। कार्रवाई के बाद सभी को बाहर निकाल दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि अचानक हुई इस कार्रवाई से उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है।
EO सुशील कुमार: “मॉल को नोटिस देने के बाद नियमानुसार सील किया गया है। बिना CLU के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
लाजपत यादव: “यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। कोर्ट से स्टे लेने के बावजूद प्रशासन ने मनमानी की है।”




