इंसाइट न्यूज 24, नई दिल्ली, 25 अगस्त — वैश्विक बाज़ार में उथल-पुथल और अमेरिका द्वारा नए आयात शुल्क लगाने की आशंकाओं ने भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। सोमवार को रुपया लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ 87.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, आयातकों की बढ़ी डॉलर मांग और निवेशकों की सतर्कता ने रुपये को कमजोर किया। बाज़ार में यह धारणा बनी है कि यदि अमेरिका टैरिफ संबंधी कदम उठाता है, तो भारत समेत कई उभरते देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
~विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में रुपया 87.80–88 के दायरे तक जा सकता है।
~रिज़र्व बैंक की तरफ से किसी बड़े हस्तक्षेप की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
~निर्यातकों को इस स्थिति से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन आयात महँगा होने से महंगाई पर दबाव बढ़ेगा।
असर आम लोगों पर
~ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे आयात आधारित उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
~अंतरराष्ट्रीय पढ़ाई या यात्रा पर जाने वालों की जेब ढीली होगी।
~निवेश बाज़ार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
साफ है कि अमेरिकी टैरिफ का साया रुपये पर भारी पड़ रहा है, और आने वाले दिनों में सरकार व रिज़र्व बैंक की रणनीति तय करेगी कि यह गिरावट कहाँ तक रुक पाएगी।




