हरियाणा में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शहरी योजनाकारों और रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने पुराने शहरी कानूनों में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है।
एक उच्च स्तरीय बैठक में यह सहमति बनी कि Haryana Development and Regulation of Urban Areas Act, 1975 को आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपडेट करना जरूरी हो गया है, ताकि राज्य के तेजी से बदलते शहरी ढांचे के साथ तालमेल बनाया जा सके।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में इस कानून ने राज्य के नियोजित विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब समय बदल चुका है और नई चुनौतियों के लिए नए नियम जरूरी हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस दौरान कहा कि शहरी नीतियों और नियमों को लगातार अपडेट करना जरूरी है, क्योंकि अब शहरों को सस्टेनेबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूती, तेजी से बढ़ती आबादी और बदलती जरूरतों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि सरकार, शहरी योजनाकारों और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल से ही संतुलित और समावेशी विकास संभव है। इस दिशा में संयुक्त प्रयासों की जरूरत बताई गई ताकि भविष्य के लिए मजबूत और आधुनिक शहर विकसित किए जा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों के जरिए न केवल शहरी विकास को गति मिलेगी, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
यह पहल हरियाणा को आने वाले समय में स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




