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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 128वीं अकादमिक परिषद की बैठक संपन्न, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कई नए पाठ्यक्रमों व समझौतों को मंजूरी

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कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की 128वीं अकादमिक परिषद की बैठक सोमवार को श्रीमद्भगवद्गीता सदन स्थित सीनेट हाल में कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े 46 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक की शुरुआत पिछली (127वीं) बैठक की कार्यवाही की पुष्टि से हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, सहयोग, नवाचार एवं नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लगातार शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है, और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इसके सफल कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखा रहा है।

अनेक एमओयू को मिली स्वीकृति

बैठक में विभिन्न सरकारी, औद्योगिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ हुए कई समझौतों को मंजूरी दी गई। इनमें फर्स्टग्रीन कंसल्टिंग प्रा. लि. (गुरुग्राम), लविस्ता एंटरप्राइजेज (पंचकूला), आईआरडीए, विद्या भारती नार्थ जोन (नई दिल्ली), आरआईएस नई दिल्ली, उत्तराखंड काउंसिल फॉर बायोटेक्नोलॉजी (पंतनगर), एमईसीएल (नागपुर), सीपीपीआरआई (सहारनपुर) तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (कानपुर) शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को औद्योगिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और संयुक्त अनुसंधान के अवसर प्रदान करना है।

पाठ्यक्रमों में सुधार और नए कोर्स

बैठक में एम.ए. हिंदी, एम.ए. इतिहास, एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी, एमसीए, एम.कॉम. और बी.टेक. सहित अनेक कार्यक्रमों के सिलेबस को एनईपी 2020 के अनुरूप संशोधित किया गया। साथ ही श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन केंद्र के अंतर्गत “भगवद्गीता अध्ययन” विषय पर नया स्नातक कार्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति दी गई।

बैठक में एम.ए. इतिहास और एम.एससी. गणित जैसे ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के साथ “पीजी डिप्लोमा इन हेल्थ, सेफ्टी एंड एनवायरनमेंट” को भी शुरू करने का निर्णय लिया गया।

छात्रों के हित में निर्णय

अकादमिक परिषद ने विद्यार्थियों को स्पेशल मर्सी चांस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे वे दिसंबर 2025/जनवरी 2026 और मई/जून 2026 में परीक्षा देकर अपनी लंबित डिग्री पूरी कर सकेंगे। साथ ही स्नातकोत्तर छात्रों के लिए नई इंटर्नशिप गाइडलाइंस को भी स्वीकृति दी गई।

कॉलेज संबद्धता को भी मिली मंजूरी

बैठक में भारत कॉलेज ऑफ लॉ, एस.के.एस. कॉलेज ऑफ लॉ (किरमिच) और डॉ. बी.आर. अंबेडकर लॉ कॉलेज को संबद्धता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कार्यक्रम में कुलसचिव लेफ्टिनेंट (डॉ.) वीरेन्द्र पाल, डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. ब्रजेश साहनी, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, निदेशकगण और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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