इंसाइट न्यूज 24,कुरुक्षेत्र — श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के काय चिकित्सा विभाग में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के शोधार्थी डॉ. हिमांशु भूषण प्रधान ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (AMO) पद पर चयन पाकर इतिहास रच दिया। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े—वर्षों की तपस्या ने आखिरकार रंग ला दिया।
डॉ. हिमांशु मूल रूप से ओडिशा के बालेश्वर जिले के गोपीनाथपुर गांव, नीलगिरी से ताल्लुक रखते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पड़ोसियों के तानों से लेकर ऑल इंडिया रैंक तक का सफर
डॉ. हिमांशु ने बताया कि UPSC में उन्हें ऑल इंडिया 15वीं रैंक मिली है। “पड़ोसियों के ताने सुनकर मन दुखी होता था, लेकिन मैंने कभी जवाब नहीं दिया—मेरी मेहनत ही मेरा उत्तर थी,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा।
अब वे दिल्ली नगर निगम में बतौर AMO नियुक्त होंगे। खास बात यह है कि पूरे हरियाणा से इस पद के लिए केवल उनका चयन हुआ है। दिल्ली सरकार की ओर से घोषित 40 पदों के लिए करीब 1,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 140 को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
शिक्षा और संघर्ष की कहानी
डॉ. हिमांशु ने 2014 में मेडिकल स्ट्रीम से 12वीं पास की और 2016 में NEET क्लियर कर बलांगीर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में BAMS में दाखिला लिया, जहां वे सेकेंड टॉपर रहे। इसके बाद ऑल इंडिया आयुष पीजी प्रवेश परीक्षा में 316वीं रैंक लेकर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में PG में प्रवेश लिया।
पिछले वर्ष ओडिशा लोक सेवा आयोग में भी उनका चयन AMO पद पर हुआ था, लेकिन UPSC की सफलता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला दी।
“माता-पिता मेरी रीढ़ हैं
”डॉ. हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहनों को दिया। उनके पिता योगेश्वर प्रधान ग्रामीण बैंक से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता लक्ष्मी प्रिया गृहिणी हैं। बहनें मधुस्मिता और सुचिस्मता विवाह के बाद भी उनका हौसला बढ़ाती रहीं।
“किसी भी मंजिल को पाने के लिए दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास जरूरी है,” उन्होंने मुस्कराते हुए कहा।