इंसाइट न्यूज 24 : वाशिंगटन डी.सी. — संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेटन्याहू ने एक साझा प्रस्ताव की घोषणा की है, जिसके अनुसार इज़राइल गाज़ा क्षेत्र पर कब्जा नहीं करेगा और स्थानीय नागरिकों को मजबूरी में पलायन नहीं करना पड़ेगा।
प्रस्ताव का स्वरूप (20-बिंदु योजना)
ट्रम्प ने एक विस्तृत 20-बिंदु प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ये मुख्य बातें शामिल हैं:
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प्रस्ताव यह सुनिश्चित करता है कि गाज़ा के नागरिकों को अपने घर छोड़ने की बाध्यकारी स्थिति न आए।
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यदि हमास इसके प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो उसमें शामिल है कि बचे हुए बंधकों को 72 घंटे के भीतर रिहा किया जाए।
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इसके बाद, इज़राइली सेनाओं का चरणबद्ध वापसी (withdrawal) की बात कही गई है।
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प्रस्ताव में एक अंतरराष्ट्रीय “शांति बोर्ड” (Board of Peace) की स्थापना करने का सुझाव दिया गया है, जो इसे लागू करने और निगरानी करने की जिम्मेदारी लेगा।
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यदि हमास प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है या बाद में इसमें बाधा उत्पन्न करता है, तो ट्रम्प ने कहा है कि इज़राइल को उसका पूरा समर्थन दिया जाएगा।
नेटन्याहू ने क्यों समर्थन किया
प्रधानमंत्री नेटन्याहू ने ट्रम्प की योजना को इज़रायल के युद्ध लक्ष्यों के अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा रास्ता प्रस्तुत करती है जो युद्ध को आगे बढ़ाए बिना लक्ष्य हासिल कर सके — अर्थात् बंधकों को छुड़ाना, हमास की सैन्य शक्ति और राजनीतिक शासन को खंडित करना, और भविष्य में गाज़ा को फिर से खतरा न बनने देना।
हमास की प्रतिक्रिया
हालाँकि हमास ने योजना को तुरंत स्वीकार नहीं किया है — कतर और मिस्र के बीच संवाद से यह प्रस्ताव उनकी ओर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव की “सद्भावना से समीक्षा” की जाएगी और वे शर्तों पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
अन्य उल्लेखनीय पहलें
– ट्रम्प ने कहा कि यदि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है तो इज़राइल को “पूरा समर्थन” मिलेगा।
– एक दिलचस्प मोड़ में, नेटन्याहू ने हाल की एक घटना के लिए कतर से माफी भी मांगी — जिसमें इज़राइल की उस हवाई कार्रवाई ने कतर के एक सेवा सदस्य की मौत हो गई थी।




