इंसाइट न्यूज 24, नई दिल्ली : भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। यूनेस्को ने सात नए भारतीय प्राकृतिक स्थलों को अपनी टेंटेटिव लिस्ट (अस्थायी विश्व धरोहर सूची) में स्थान दिया है।
इनमें प्रमुख हैं —
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महाराष्ट्र का पंचगनी-महाबलेश्वर क्षेत्र, जो डेक्कन ट्रैप्स की अनोखी भूगर्भीय संरचना के लिए प्रसिद्ध है।
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आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ियाँ, जिनका धार्मिक और प्राकृतिक महत्व दोनों ही असाधारण माना जाता है।
इनके साथ ही भारत की कुल विश्व धरोहर स्थलों की संख्या अब 69 तक पहुँच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अगर इन स्थलों को आगे चलकर स्थायी विश्व धरोहर का दर्जा मिलता है तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को बड़ा लाभ होगा।




