पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हत्या के एक मामले में 32 साल की देरी से अपील दायर किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने इस तरह की देरी को गंभीर मानते हुए न्याय प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मामला एक पुराने हत्या केस से जुड़ा है, जिसमें दोषी लंबे समय से सजा काट रहा था, लेकिन इतने वर्षों तक उसकी ओर से कोई अपील दाखिल नहीं की गई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इतनी लंबी देरी चिंता का विषय है। यदि दोषी अपील करने में सक्षम नहीं था, तो जेल प्रशासन और कानूनी सहायता तंत्र को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी।
अदालत ने यह भी कहा कि न्याय में अनावश्यक देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती और इससे व्यक्ति के अधिकार प्रभावित होते हैं।
हालांकि, कोर्ट ने देरी को माफ करते हुए अपील को स्वीकार कर लिया है और अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।




