इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 17 सितंबर : कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पार्ट टाइम शिक्षक लंबे समय से बेसिक वेतन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ₹34,000 का बढ़ा हुआ मानदेय (₹750 प्रति लेक्चर) केवल दस्तावेज़ों तक सीमित है और इसे अभी तक नियमित बेसिक वेतन का दर्जा नहीं मिला है।
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया है कि आगामी एग्जीक्यूटिव काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को एजेंडे में शामिल किया जाए और UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार समान वेतन व्यवस्था लागू की जाए।
अन्य विश्वविद्यालयों में लागू है ₹57,700 का वेतन
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी, देशबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी और डॉक्टर बी आर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में पहले से ही ₹57,700 का बेसिक वेतन दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को भी इस मानक का पालन करना चाहिए।
शैक्षणिक योगदान को मिले मान्यता
पार्ट टाइम शिक्षकों ने अपने योगदान की ओर ध्यान दिलाया—NAAC ग्रेडिंग, NIRF रैंकिंग और रिसर्च में उनकी भूमिका अहम रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने में वे निरंतर सक्रिय रहे हैं।
सम्मानजनक वेतन की अपील
शिक्षकों ने प्रशासन से विनम्र निवेदन किया है कि उनके कार्य को मान्यता देते हुए उन्हें सम्मानजनक वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि यह न केवल न्यायसंगत होगा, बल्कि विश्वविद्यालय की नैतिक छवि को भी सुदृढ़ करेगा।





