इंसाइट न्यूज 24, नई दिल्ली, 25 अगस्त— वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की साख पर भरोसा जताते हुए उसकी लॉन्ग-टर्म विदेशी मुद्रा इशूअर डिफॉल्ट रेटिंग (IDR) को ‘BBB-’ पर स्थिर बनाए रखा है। एजेंसी का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में भी मज़बूत प्रदर्शन जारी रखेगी।
फिच ने अपने ताज़ा आकलन में कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान है। यह दर न केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं, बल्कि ‘BBB’ रेटिंग वाले अन्य देशों के औसत (लगभग 2.5%) से कहीं अधिक है।
एजेंसी के अनुसार, भारत की मजबूत घरेलू मांग, निवेश में वृद्धि और सुधारों पर ध्यान आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं। साथ ही, बाहरी वित्तीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर भी स्थिरता बनाए रखने में सहायक है।
हालाँकि, फिच ने चेताया कि राजकोषीय घाटा, बढ़ते सरकारी कर्ज़ और वैश्विक बाज़ार में अनिश्चितताओं पर भारत को विशेष नज़र रखनी होगी। यदि इन मोर्चों पर सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में जोखिम पैदा हो सकते हैं।
क्यों अहम है यह आकलन?
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निवेशकों और विदेशी कंपनियों के लिए फिच की रेटिंग भरोसे का पैमाना होती है।
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स्थिर आउटलुक का मतलब है कि भारत की अर्थव्यवस्था निकट भविष्य में सुरक्षित मानी जा रही है।
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यह अनुमान विदेशी निवेश आकर्षित करने और बाज़ार में सकारात्मक माहौल बनाने में मददगार होगा।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट बताती है कि भारत वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, मगर वित्तीय अनुशासन और नीतिगत सुधारों की गति बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।




