इंसाइट न्यूज 24, नई दिल्ली : एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹2500 करने का प्रस्ताव EPFO की आगामी सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) मीटिंग में रखा जाएगा। यह बैठक 10-11 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगी।
अगर प्रस्ताव पास हो गया, तो यह 11 साल में पहली बार न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में 30 लाख से अधिक पेंशनर्स को ₹1000 की फिक्स्ड पेंशन मिल रही है, जो 2014 से अब तक नहीं बदली गई है।
कौन है पेंशन का हकदार?
जो कर्मचारी कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर 58 साल की उम्र तक पहुंचता है, वह EPS के तहत नियमित पेंशन पाने का पात्र होता है। बीच में नौकरी छोड़ने पर सदस्य अपनी जमा राशि निकाल सकता है या कम पेंशन का विकल्प चुन सकता है।
EPS-95 क्या है?
EPFO द्वारा 1995 में शुरू की गई यह स्कीम ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन देती है। EPFO इसका प्रबंधन करता है और 58 साल की उम्र पर पेंशन की गारंटी देता है।
पेंशन कैसे तय होती है?
पेंशन = (पेंशनेबल सैलरी × पेंशनेबल सर्विस) ÷ 70
जहां पेंशनेबल सैलरी का मतलब है अंतिम 60 महीनों की औसत बेसिक सैलरी + डीए। इसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।
EPFO 3.0 पर भी होगी चर्चा
मीटिंग में EPFO 3.0 के तहत डिजिटल रिफॉर्म्स पर भी बात होगी, जिसमें ATM से PF विड्रॉल, UPI से फंड ट्रांसफर और क्लेम सेटलमेंट को तेज करने जैसे फीचर्स शामिल हैं।




