इंसाइट न्यूज 24, बिहार : बिहार के एक आईआईएम अहमदाबाद स्नातक ने गाँवों में तकनीक और खेती को जोड़ने की अनोखी पहल शुरू की है। उनका प्रयास उन किसानों तक पहुँच बनाने का है, जिनके पास ज़मीन नहीं है और जो अक्सर पारंपरिक खेती की सीमाओं और आर्थिक कठिनाइयों से जूझते हैं।
इस पहल के तहत एक विशेष एआई-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को मौसम की सटीक जानकारी, फसल रोगों की पहचान और उनसे निपटने के उपाय तुरंत उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, यह सरकारी योजनाओं और बाज़ार के ताज़ा दामों तक भी किसानों की पहुँच आसान बनाता है।
नालंदा, पटना और आस-पास के इलाक़ों के हज़ारों किसान इस सुविधा से जुड़ चुके हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि किसान अब अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं और उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।
स्थानीय किसान बताते हैं कि पहले उन्हें मौसम और फसल से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए कई स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल पर मिलने वाली सरल जानकारी से उनकी लागत कम हुई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
यह प्रयास न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधार रहा है, बल्कि ग्रामीण भारत में तकनीकी सशक्तिकरण की एक नई कहानी भी लिख रहा है।




