कुरुक्षेत्र। सेक्टर-5 निवासी 38 वर्षीय विवाहिता नीलम की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला चर्चा में आ गया है। परिजनों ने उसके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि तबीयत बिगड़ने के बाद नीलम को दूसरे अस्पताल ले जाने के बजाय उसके पति ने उसकी मौत की सूचना दे दी और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दीं। हालांकि, जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने महिला में सांस चलती हुई महसूस की।
परिजन तत्काल नीलम को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे जीवित पाया और इलाज शुरू किया। करीब 20 से 30 मिनट के उपचार के बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
करीब एक महीने से चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार नीलम पिछले लगभग एक महीने से पेट में संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही थी। उसका इलाज आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा था। इससे पहले भी उसका ऑपरेशन हो चुका था और चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में उसका उपचार कराया गया था।
परिजनों का कहना है कि तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने नीलम को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया था।
पति ने फोन कर दी मौत की सूचना
नीलम के चचेरे भाई सुनील के मुताबिक, करीब 11 बजे उसके पति विक्की ने फोन करके बताया कि नीलम की मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग उसके घर पहुंचे। वहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थीं।
परिजनों ने जब नीलम को देखा तो उन्हें उसकी सांस चलती हुई महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने बिना देरी किए उसे एंबुलेंस से LNJP अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने शुरू किया उपचार
LNJP अस्पताल में डॉक्टरों ने नीलम की जांच की। मेडिकल ऑफिसर मुनीष कुमार के अनुसार, जब महिला को अस्पताल लाया गया, उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन लगभग आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि नीलम को समय पर दूसरे अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसकी स्थिति संभाली जा सकती थी। हालांकि, इस संबंध में वास्तविक स्थिति पोस्टमॉर्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
नीलम के परिजनों ने उसके पति पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला पहले ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान थी और उसके साथ कथित तौर पर लंबे समय से दुर्व्यवहार किया जा रहा था।
परिवार के एक अन्य सदस्य गौरव ने आरोप लगाया कि नीलम को कई वर्षों से परेशान किया जा रहा था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई थी। परिजनों ने नींद की दवाएं देने और इलाज से जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
थाना सदर थानेसर पुलिस के अनुसार, शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। फिलहाल परिवार की शिकायत और बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत के कारण और परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।




