शेयर बाजार में वेदांता के शेयरों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां कीमत करीब 60 प्रतिशत तक नीचे आ गई। पहली नजर में यह गिरावट भारी नुकसान जैसी लगती है, लेकिन असल में मामला कुछ और है।
दरअसल, कंपनी ने अपने कारोबार को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसे डिमर्जर कहा जाता है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी के विभिन्न बिजनेस यूनिट्स को अलग कंपनियों में विभाजित किया जा रहा है।
डिमर्जर के बाद जब शेयर नई कीमत पर ट्रेड हुआ, तो उसमें से अलग किए गए बिजनेस का मूल्य हटा दिया गया। इसी कारण शेयर की कीमत अचानक कम दिखाई दी।
इसका मतलब यह है कि निवेशकों की कुल संपत्ति में कोई वास्तविक कमी नहीं आई है। उन्हें नई बनी कंपनियों के शेयर भी मिलेंगे, जिससे कुल निवेश का मूल्य संतुलित बना रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गिरावट तकनीकी होती है और इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं होती। यह प्रक्रिया कंपनी के बिजनेस को और मजबूत बनाने और निवेशकों को भविष्य में बेहतर रिटर्न देने के उद्देश्य से की जाती है।




