हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। गांव की रहने वाली सोना देवी ने अपनी मृत्यु के बाद शरीर दान कर मानवता का संदेश दिया।
जानकारी के अनुसार सोना देवी का निधन बीमारी के चलते हुआ। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही इच्छा जताई थी कि मृत्यु के बाद उनका शरीर मेडिकल शिक्षा और शोध के लिए दान किया जाए।
परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज भेज दिया, जहां अब छात्र उस पर अध्ययन और शोध कार्य करेंगे।
शव को ले जाने से पहले स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके इस निर्णय की सराहना की। बताया जा रहा है कि वह सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर दान से मेडिकल छात्रों को सीखने में मदद मिलती है और यह समाज के लिए एक बड़ा योगदान होता है।
यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी।




