भिवानी। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में भिवानी की अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह निर्णय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरचि अटरेजा सिंह की अदालत ने सुनाया।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
इस मामले में पीड़िता के पिता ने वर्ष 2024 में थाना लोहारू में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी को अपने झांसे में लेकर अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अलग-अलग धाराओं में सजा
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी है, जिसमें उम्रकैद के साथ अन्य कारावास और आर्थिक दंड भी शामिल हैं।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस को सख्त निर्देश
इस मामले के बाद भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं कि महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े मामलों में तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




