चंडीगढ़। केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा के लिए औद्योगिक विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाली कई अहम घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एयरोस्पेस उद्योग और सी-प्लेन निर्माण से जुड़ी इकाइयों को प्रोत्साहन देने की बात कही है, जिसका प्रभाव हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।
सी-प्लेन परियोजना को मिलेगी रफ्तार
सरकार की योजना हरियाणा में जलविमान सेवा शुरू करने की है। इसके तहत अंबाला, हिसार और करनाल जैसे हवाई अड्डों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर जोर दिया जाएगा। यह पहल धार्मिक पर्यटन और दूर-दराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट के तहत हिसार से नांदेड़ साहिब जैसे तीर्थ स्थलों के लिए उड़ान सेवा शुरू की जा सकती है। यह सेवा पानी और जमीन दोनों पर संचालित होने में सक्षम होगी।
पंचकूला बनेगा बायोफार्मा इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र
‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत केंद्र सरकार देशभर में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे हरियाणा के फार्मास्युटिकल और बायोफार्मा सेक्टर को नई गति मिलने की संभावना है। पंचकूला जैसे शहरों में पहले से ही टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और हर्बल उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। नए निवेश से रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और किफायती दवाओं के निर्माण में मदद मिलेगी।
एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा प्रोत्साहन
सिविल विमान के पुर्जों पर आयात शुल्क में राहत से हरियाणा में एयरोस्पेस उद्योग को मजबूती मिलेगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे एमएसएमई सेक्टर को नए अवसर मिलेंगे और उच्च तकनीक से जुड़े रोजगार के मौके पैदा होंगे।
हिसार में विकसित हो रहा एविएशन हब अब मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) के साथ-साथ विमान पार्ट्स निर्माण का अहम केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रक्षा और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में सहायक होगी।
वित्त आयोग के माध्यम से अतिरिक्त संसाधनों की उम्मीद
16वें वित्त आयोग के तहत हरियाणा को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाने और स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहयोग मिलने की संभावना है। राज्य ने स्वास्थ्य योजनाओं, एमएसपी पर फसल खरीद और ग्रामीण-शहरी निकायों के लिए अधिक फंड की मांग रखी है।
ग्रामीण-शहरी विकास के लिए बड़ा प्रावधान
केंद्रीय बजट में ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के विकास के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे 2026-31 की अवधि में हरियाणा में आधारभूत ढांचे और स्थानीय प्रशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




