पिहोवा, 20 जनवरी। पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ स्थल पर जल्द ही देश की आधुनिक और खूबसूरत मूर्तिकला की छटा देखने को मिलेगी। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती के पावन तट पर देश के प्रसिद्ध शिल्पकार काले पत्थरों को तराशकर आकर्षक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती मूर्तियों का निर्माण करेंगे, जिन्हें घाटों पर स्थापित किया जाएगा।
धुमन सिंह किरमच पिहोवा सरस्वती महोत्सव के दौरान हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय मूर्तिकला शिविर के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने एसडीएम अनिल कुमार दून और मार्केट कमेटी चेयरमैन तरणदीप सिंह वड़ैच के साथ विधिवत रूप से शिविर का शुभारंभ किया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार सरस्वती तीर्थ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और कला-संस्कृति को संरक्षित करने की नीति के तहत यह राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया गया है। शिविर के लिए 16 काले पत्थर की विशाल चट्टानें पहले ही तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी हैं। आगामी 15 दिनों में हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए शिल्पकार दिन-रात कार्य कर संस्कृति और सौंदर्य को दर्शाती 16 मूर्तियों का निर्माण करेंगे।
उपाध्यक्ष ने युवाओं से इस शिविर को देखने की अपील करते हुए कहा कि इससे शिल्पकला के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने बताया कि तैयार होने वाली मूर्तियों में 7 हजार वर्ष पुरानी सरस्वती सभ्यता और उसकी सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
सभी मूर्तियों को सरस्वती के घाटों पर स्थापित किया जाएगा, जिससे तीर्थ स्थल का सौंदर्य बढ़ेगा और दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को मूर्तिकला का अनूठा अनुभव मिलेगा। इस राष्ट्रीय शिविर के लिए सरकार द्वारा लगभग 35 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस अवसर पर हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सांस्कृतिक अधिकारी हृदय कौशल, नगर पालिका सचिव अशोक कुमार, भाजपा नेता सतीश सैनी, सुखबीर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




