कुरुक्षेत्र, 15 जनवरी।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदा की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने उनकी समाधि सदाचार स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर थानेसर विधायक एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के विकास में गुलजारी लाल नंदा का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि स्व. नंदा का कुरुक्षेत्र से विशेष लगाव था। उन्होंने हरियाणा को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए व्यापक कार्य किए। आज ब्रह्मसरोवर सहित कुरुक्षेत्र के तीर्थों का जो भव्य स्वरूप देखने को मिलता है, वह गुलजारी लाल नंदा की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र और 48 कोस तीर्थों के सुनियोजित विकास के उद्देश्य से ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की स्थापना की गई थी। स्व. नंदा ने कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का सपना देखा और उसी दिशा में ठोस कदम उठाए।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि गुलजारी लाल नंदा ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। असहयोग आंदोलन सहित कई आंदोलनों में शामिल रहे और देश की आजादी के लिए कई बार जेल गए। आजादी के बाद उन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और दो बार देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता सुरेश यूनिसपुर, विवेक भारद्वाज डब्बू, ओमप्रकाश ओपी, सूरजभान नरवाल, सतबीर खेड़ी रामनगर, सुभाष मिर्जापुर और अंकुश गर्ग सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।




