कुरुक्षेत्र जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त के आदेशानुसार जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की टीम ने राजस्व संपदा कुरुक्षेत्र में दो स्थानों पर करीब 5.5 एकड़ में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों को तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया।
जिला नगर योजनाकार अधिकारी विक्रम कुमार ने बताया कि गांव दुराला में करीब 1 एकड़ और गांव रतनडेरा में लगभग 4.5 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही दो कॉलोनियों पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासनिक सहयोग से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में डीटीपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर कच्ची सड़कों, डीपीसी, चारदीवारी और अन्य अवैध निर्माण को जेसीबी (पीला पंजा) से ध्वस्त किया।
डीटीपी विक्रम कुमार ने बताया कि विभाग को इन दोनों स्थानों पर अवैध कॉलोनियों के विकसित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद भूस्वामियों और प्रॉपर्टी डीलरों को हरियाणा विकास एवं विनियमन शहरी क्षेत्र (HDR) अधिनियम, 1975 के तहत नोटिस जारी कर आवश्यक अनुमति लेने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके न तो अवैध निर्माण रोका गया और न ही विभाग से कोई वैध अनुमति ली गई। इसी के चलते विभाग को तोड़फोड़ की कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि सस्ते प्लॉट के लालच में आकर किसी भी अवैध कॉलोनी में जमीन न खरीदें और न ही निर्माण कार्य करें। जमीन खरीदने से पहले डीटीपी कार्यालय से कॉलोनी की वैधता की पुष्टि अवश्य करें। साथ ही तहसीलदार और नायब तहसीलदारों से भी अपील की गई है कि रजिस्ट्री से पूर्व सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
डीटीपी अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपये तक जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि दीनदयाल हाउसिंग स्कीम और अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग स्कीम के तहत पांच एकड़ भूमि पर लाइसेंस लेकर वैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा सकती है।




