हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में नरवाना ब्रांच नहर (भाखड़ा) में पानीपत पुलिस ने इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई जयदीप राठी के शव के अवशेषों की तलाश के लिए व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम भी पुलिस के साथ नहर में सर्चिंग में जुटी रही।
जयदीप राठी हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। जांच के अनुसार, आरोपियों ने जयदीप की हत्या के बाद शव को जला दिया था और सबूत मिटाने के उद्देश्य से जले हुए अवशेष कुरुक्षेत्र की नरवाना ब्रांच नहर में फेंक दिए थे।
दूसरे दिन भी चला तलाशी अभियान
पुलिस ने मुख्य आरोपी जसवंत उर्फ जस्सी से घटनास्थल की पहचान कराई। पहले दिन मंगलवार को शाहाबाद क्षेत्र के डल्ला माजरा गांव के आसपास नहर में तलाशी ली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
फोरेंसिक टीम भी मौके पर
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी जस्सी ने स्वीकार किया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे जलाकर नहर में फेंका गया था। यह नहर शाहाबाद के नलवी–सैठोल मार्ग के पास से गुजरती है। साक्ष्य एकत्र करने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया है। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी नहर में तलाशी अभियान चला रही है।
हालांकि, अब तक नहर से कोई ठोस अवशेष बरामद नहीं हो पाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और हर संभावित स्थान पर साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में एक अन्य आरोपी गुरदर्शन को पहले ही शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
गौरतलब है कि कुलदीप राठी इनेलो के जिलाध्यक्ष हैं, जबकि जयदीप राठी नेत्र रोग सहायक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर को जयदीप का अपहरण कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।




