एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘लव जिहाद’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि देश में इस तरह की घटनाएं वास्तव में हो रही हैं, तो सरकार को इसके ठोस आंकड़े संसद में प्रस्तुत करने चाहिए।
ओवैसी का कहना है कि किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि अब तक संसद में यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि लव जिहाद से जुड़े कितने मामले सामने आए हैं और उनकी कानूनी स्थिति क्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान वयस्क नागरिकों को अपने निजी फैसले लेने का अधिकार देता है और सहमति से किए गए रिश्तों को राजनीतिक बहस का विषय बनाना उचित नहीं है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बिना प्रमाण के इस तरह के मुद्दे उठाने से समाज में भ्रम और भय का माहौल बनता है।
एआईएमआईएम प्रमुख ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर बहस करने के बजाय सरकार को बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे अहम सवालों पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि संसद में पारदर्शी चर्चा और तथ्य आधारित जवाब ही लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।




