कुरुक्षेत्र, 3 जनवरी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं के कौशल विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डाटा एनालिटिक्स का ज्ञान बेहद जरूरी हो गया है। एआई और डाटा एनालिटिक्स न केवल शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में व्यापक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि दैनिक जीवन को भी अधिक सरल और प्रभावी बना रहे हैं।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा शुक्रवार को केयू सीनेट हाल में विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता एवं रोजगार केन्द्र द्वारा आयोजित एआई व डाटा एनालिटिक्स विषय पर साप्ताहिक कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
एआई से कार्यक्षमता और गुणवत्ता में सुधार
कुलपति ने कहा कि आज एआई हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और इससे दूरी बनाना संभव नहीं है। यदि एआई का सही उपयोग सीखा जाए, तो इससे कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों को अपनाएं।
कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेगा युवा वर्ग
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कौशल विकास वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। तकनीकी रूप से दक्ष युवा आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर सृजित कर सकता है, बल्कि देश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय एआई और डाटा एनालिटिक्स पर आधारित होगा, इसलिए इन तकनीकों की समझ हर छात्र के लिए आवश्यक है।
एआई से बढ़ती है नवाचार और समस्या समाधान क्षमता
उन्होंने बताया कि एआई तकनीक छात्रों में तार्किक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ाती है, जबकि डाटा एनालिटिक्स के माध्यम से विद्यार्थी डाटा का विश्लेषण कर सही निष्कर्ष निकालना सीखते हैं। यह कौशल शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रबंधन, व्यवसाय और उद्योग जगत की प्रमुख जरूरत बन चुका है। इस अवसर पर कुलपति ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए केन्द्र को बधाई दी और प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
एआई से रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित : प्रो. राकेश कुमार
केयू डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि यह मानना गलत होगा कि एआई के कारण रोजगार के अवसर कम होंगे। वास्तव में एआई से नए और बेहतर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने ज्ञान, तकनीक और कौशल को समय-समय पर अपडेट करता रहे।
तकनीकी सत्रों में एआई व डाटा एनालिटिक्स की जानकारी
इस अवसर पर कोड कोशेंट कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण गोयत ने विद्यार्थियों के साथ एआई व डाटा एनालिटिक्स से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं। प्रो. जसविन्द्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. अनिल मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
विशेषज्ञों ने दी तकनीकी बारीकियों की जानकारी
प्रो. प्रदीप कुमार ने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों की जानकारी दी। केन्द्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि एमबीए विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में प्रो. राजेश कुमार, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राजेन्द्र नाथ, प्रो. प्रदीप मित्तल, डॉ. गिरधर, डॉ. सुरेन्द्र कुमार और अरूण गोयत ने पाइथन, आर और मशीन लर्निंग के माध्यम से एआई व डाटा एनालिटिक्स की तकनीकी बारीकियां समझाईं।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
एमबीए छात्रा ख्वाईश ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंच संचालन एमबीए छात्रा श्रुति शर्मा, दिपांश और गुरलीन कौर ने किया। कार्यक्रम में प्रो. निर्मला चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।




