पोस्टमॉर्टम से स्पष्ट हुआ—गला दबाकर की गई हत्या
कैथल जिले के शीला खेड़ा क्षेत्र में ड्रेन से मिले सूटकेस में बंद करीब 30 वर्षीय महिला के शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शव मिलने के तीसरे दिन पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें यह सामने आया कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई है। पुलिस की टीमें मृतका की पहचान और घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने के प्रयास में लगी हुई हैं, लेकिन फिलहाल कोई निर्णायक सुराग हाथ नहीं लगा है।
बिना पहचान के शव का अंतिम संस्कार कराया गया
शव की शिनाख्त न होने पर समाजसेवी संस्था जीवन रक्षक दल ने महिला का अंतिम संस्कार कराया। संस्था के प्रधान राजू डोहर ने बताया कि यह उनकी संस्था द्वारा कराया गया 183वां संस्कार है, जिसकी पहचान नहीं हो पाई। शव करीब 72 घंटे तक अस्पताल के शवगृह में रखा गया, लेकिन पहचान न होने के बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
एसपी का बयान—हत्या के बाद सूटकेस में डालकर फेंका गया शव
मामले को लेकर एसपी उपासना ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। महिला की गला दबाकर हत्या की गई और इसके बाद शव को सूटकेस में बंद कर ड्रेन में फेंक दिया गया। पुलिस महिला से जुड़े सभी पहलुओं और संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर खुला राज
जानकारी के अनुसार, करीब पांच दिन पहले शीला खेड़ा ड्रेन में एक सूटकेस देखा गया था, जिसे कुत्ते खींच रहे थे। संदिग्ध स्थिति देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीमों ने जांच शुरू की और सूटकेस से महिला का शव बरामद किया।
शरीर पर मिले अहम संकेत
पुलिस जांच में सामने आया कि शव कई दिन पुराना था। पानी में पड़े रहने के कारण शरीर बुरी तरह फूल चुका था और कुछ हिस्सों में सड़न आ चुकी थी। महिला के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं, जबकि हाथ पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।




