30 लाख नकदी, लूटी कार व हथियार पुलिस ने किए जब्त
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा क्षेत्र में नेशनल हाईवे-152D पर दिनदहाड़े हुई ज्वेलर की कार लूट की घटना में पुलिस ने दो और आरोपियों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रदीप और सचिन के रूप में हुई है, जो रोहतक जिले के मदीना गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई कार, लगभग 30 लाख रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त एक अन्य वाहन और एक पिस्टल बरामद की है।
लूटकांड में शामिल पांचों आरोपी पकड़े गए
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें ज्वेलर का ड्राइवर संदीप, उसका भाई सूरज उर्फ सोनू, दोस्त अशोक निवासी शिमली (रोहतक) और हालिया गिरफ्तारी वाले प्रदीप व सचिन शामिल हैं। सभी आरोपियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
ड्राइवर की अंदरूनी साजिश आई सामने
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पूरी लूट की योजना ज्वेलर के ड्राइवर संदीप ने ही बनाई थी। वह करीब एक वर्ष से ज्वेलर के साथ काम कर रहा था और उसे पता था कि कार में अक्सर महंगे जेवरात और बड़ी रकम होती है। इसी जानकारी का लाभ उठाकर उसने अपने भाई और साथियों को वारदात में शामिल किया।
कर्ज से परेशान होकर चुना अपराध का रास्ता
पुलिस पूछताछ में संदीप ने बताया कि उस पर 8 से 10 लाख रुपये तक का कर्ज हो चुका था और लेनदार लगातार दबाव बना रहे थे। वहीं उसका साथी अशोक भी करीब 15 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। आर्थिक तंगी के चलते दोनों ने मिलकर लूट की योजना तैयार की।
सुबह के समय ज्वेलर की कार को बनाया निशाना
रोहतक के कन्हेली रोड निवासी ज्वेलर सागर शाह ने पुलिस को बताया कि 24 दिसंबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे उनका ड्राइवर संदीप और कर्मचारी युवराज हुंडई वेन्यू कार से शाहाबाद स्थित एक ज्वेलरी शोरूम पहुंचे थे। वहां से काम निपटाकर वे नेशनल हाईवे-152D के रास्ते वापस रोहतक लौट रहे थे।
हाईवे पर घेराबंदी कर की लूट
सुबह करीब 9 बजे तलहेड़ी गांव के पास पहुंचते ही आगे-पीछे से दो गाड़ियों ने उनकी कार को घेर लिया। गाड़ियों से उतरे चार बदमाशों ने हथियार दिखाकर कार छीन ली। ड्राइवर को मौके पर ही उतार दिया गया, जबकि युवराज को कुछ दूरी तक साथ ले जाकर पिहोवा मोड़ पर छोड़ दिया गया। कार में नकदी और कीमती सामान रखा हुआ था।
पुलिस रिमांड पर आरोपी, जांच जारी
सीआईए प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह वारदात पूरी तरह से सोची-समझी योजना के तहत की गई थी। कर्ज में फंसे आरोपियों ने जल्द पैसे पाने के लालच में अपने ही मालिक को निशाना बनाया। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।




