हरियाणा में वर्ष 2026 की पहली सुबह कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बीच हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के अधिकांश जिलों में दृश्यता बेहद कम रही, कई स्थानों पर यह 50 मीटर से भी नीचे दर्ज की गई। कोहरे के चलते राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात की गति प्रभावित रही।
नए साल की रात हिसार सहित आसपास के जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में बदलाव देखने को मिला। इस बारिश को रबी फसलों, खासकर गेहूं और सरसों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। किसानों को पाले से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए प्रदेश के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, अंबाला, करनाल, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और पंचकूला में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। अन्य जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। राजस्थान से सटे सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी सहित कई क्षेत्रों में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।
अगले 48 घंटों में बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दो दिनों में ठंड और तेज होने के आसार हैं। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। हाल ही में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन 3 जनवरी के बाद तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में शीत लहर चलने के संकेत हैं। ठंड को देखते हुए सरकार ने 7 जनवरी से 15 जनवरी तक सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया है।




