हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा डीजी रैंक के पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा जा चुका है। संकेत मिल रहे हैं कि इसी सप्ताह यूपीएससी की बैठक में डीजीपी पद के लिए नाम को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यदि किसी वजह से निर्णय में देरी होती है, तो फिलहाल किसी वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने की संभावना बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, डीजीपी की दौड़ में आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में स्थायी नियुक्ति से पहले उन्हें एडिशनल चार्ज दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। उनके अलावा डीजी रैंक के आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला के नाम भी चर्चा में हैं।
वर्तमान में डीजीपी का कार्यभार संभाल रहे ओपी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उनके साथ 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो रहे हैं। वहीं, डीजी जेल को अस्थायी रूप से तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है।
यूपीएससी को भेजे गए पांच आईपीएस अधिकारियों के नाम
हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को डीजीपी चयन से संबंधित प्रस्ताव भेजा था। इसमें 1990 बैच के शत्रुजीत कपूर, 1991 बैच के एसके जैन, 1992 बैच के अजय सिंघल और 1993 बैच के आलोक मित्तल व अरशिंद्र चावला के नाम शामिल हैं। प्रस्ताव के साथ सभी अधिकारियों की सेवा विवरण भी संलग्न किए गए हैं।
बताया जाता है कि शत्रुजीत कपूर न्यूनतम निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके थे। साथी आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या से जुड़े मामले में कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ने के बीच उन्हें 14 अक्टूबर को अवकाश पर भेजा गया था। उसी दिन 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को हरियाणा का अतिरिक्त डीजीपी प्रभार सौंपा गया था।
अब सबकी नजरें यूपीएससी की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जिससे हरियाणा को नया डीजीपी मिलने का रास्ता साफ होने की उम्मीद की जा रही है।




