नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जिसमें विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 की सोच और इसके दूरगामी प्रभावों को विस्तार से बताया गया है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि यह अधिनियम आय वृद्धि, संपत्ति सृजन, कृषि स्थिरता और दीर्घकालिक ग्रामीण उत्पादकता को परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि एक निरंतर और परस्पर जुड़े हुए लक्ष्य के रूप में देखता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने लेख में स्पष्ट किया है कि इस विधेयक को लाने से पहले राज्य सरकारों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया और विभिन्न हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों को भी शामिल किया गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लेख की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह लेख नीति की मूल भावना को समझने में मदद करता है और यह दर्शाता है कि कैसे विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह अधिनियम न केवल कृषि क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करने पर केंद्रित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर दीर्घकालिक उत्पादकता और संपत्ति निर्माण के नए अवसर भी पैदा करता है।




